15 जून से कान्हा राष्ट्रीय उद्यान में पर्यटन प्रारंभ
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हां दोस्तों आप लोगों को यकीन नहीं हो रहा होगा लेकिन सच तो यही है कि 15 जून से कान्हा राष्ट्रीय उद्यान में पर्यटकों का स्वागत किया जाने वाला है।
कान्हा राष्ट्रीय उद्यान
यह न्यूज़ वन संरक्षकों के द्वारा जैसे ही जारी की गई हम सब में एक खुशी का माहौल क्रिएट हो गया।और खुशी 1कान्हा राष्ट्रीय उद्यान जो कि बारिश के शुरुआत में कुछ मौसम के शुरुआती दौर है इसलिए जो नई-नई हरियाली है उसका दर्शक लोग बहुत ही बेताबी से इंतजार करते हैं और देखने के लिए अपने फोटो में उन सीन को कैप्चर करने के लिए अपने मोबाइल में फोटो को फिर से खींचने के लिए वह इंतजार कर रहे थे वह मौका मिल चुका है।
वैसे बारिश के शुरुआती मौसम में जो हरियाली प्रकृति की होती है वह देखते ही बनती है छोटे-छोटे घास पौधे और नन्हें-नन्हें कई वृक्ष अपने चरम प्रगति में होते है और इसी बीच छोटे छोटे नन्हे-नन्हे जंगली जानवर, पशु और सभी प्रकार के जीव जंतुओं को देखने का आनंद ही कुछ और होता है और बात हो कान्हा राष्ट्रीय उद्यान की तो वह हमारे देश का बहुत ही फेमस राष्ट्रीय उद्यान है कान्हा राष्ट्रीय उद्यान चुकी मंडला में है इसलिए मंडला जिले में पड़ता है वहां अब सफारी हेतु ऑनलाइन टिकट भी बुक करा सकते हैं।
यह बहुत ही खुशी की बात है कि वह मध्य प्रदेश में आता है।...................
मण्डला 12 जून 2020
क्षेत्र संचालक कान्हा टाईगर रिजर्व ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण कान्हा राष्ट्रीय उद्यान को पर्यटन हेतु बंद कर दिया गया था परंतु अब 15 जून से पर्यटकों के लिये सफारी प्रारंभ किया जा रहा है। कोविड-19 संक्रमण को ध्यान में रखते हुये मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा।
सफारी हेतु आनलाईन टिकट सुविधा पूर्व की तरह प्रारंभ हो चुकी है। अलग-अलग समूहो से आये पर्यटकों में 4 की अनुमति होगी।
सपरिवार यानी कि एक परिवार के कम से कम सदस्य 6 होने चाहिए जिससे वह एक वाहन में 6 लोग बैठ सकेंगे। केंटर वाहनों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिये 18 की जगह 12 व्यक्ति जा सकेंगे तथा 2 गाईड के स्थान पर एक गाईड ही जा सकेगा।

जैसा कि आपको पता है दोस्तों की यह खतरा ज्यादातर उन उम्र में है जिन उम्र का हम आपको जिक्र कराने जा रहे हैं यानी की 10 वर्ष से कम एवं 65 वर्ष से अधिक उम्र के पर्यटकों को प्रवेश नहीं दिया जावेगा।
और प्रशासन के तरफ से खास निर्देश पर्यटक, कर्मचारी, गाईड, वाहन चालक को मॉस्क लगाना अनिवार्य होगा। समस्त प्रवेश द्वारों पर स्वास्थ्य विभाग के दल द्वारा थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी।
यदि किसी का तापमान अधिक पाया जाता है तो उन्हें प्रवेश द्वार के पास बनाये गये आइसोलेशन कक्ष में रखा जाएगा। पार्क प्रबंधन द्वारा भ्रमण में जाने वाले वाहन विशेष रूप से निर्मित सेनेटाइजर स्थल (6 फीट चौड़ा, 3 फीट लंबा एवं 12 सेंमी गहरा) से प्रवेश करेंगे।ताकि जो भी व्यक्ति है वह पूरी तरह से सैनिटाइज हो जाए, और उनके सारे वायरस खत्म हो जाए इसलिए यह विशेष प्रकार का खड्डा भी बनाया गया है यह बहुत अच्छा तरीका है ताकि व्यक्ति के पूरी बॉडी में और पूरे कपड़े से लेकर उसके मुंह और हाथों तक के जो भी वायरस है वह सैनिटाइज हो जाएंगे और वहीं समाप्त हो जाएंगे।

इस तरह हमारे वन पर्यटकों के लिए यह सुविधा बहुत ही अनिवार्य रूप से लागू की जाएगी ताकि पर्यटक जो है वह अपने आनंद को किसी तरह भी ना खो पाए और वह पूर्ण रूप से अपने इस प्राकृतिक आनंद को ग्रहण कर सकें।
कोरोना वायरस की वजह से ऐसे बहुत से काम थे जो स्थगित है लेकिन पर्यटकों को अपने मनोरम प्राकृतिक दर्शन को प्राप्त करने से भला कौन रोक सकता है इसलिए सरकार ने यह फैसला लिया है और आगामी कुछ दिनों में प्राकृतिक हरियाली से सराभोर हुए इस वातावरण को पर्यटकों द्वारा निहारा जाएगा और इस बीच जंगलों की सफारी के दौरान कोरोना वायरस से बचने हेतु भी बहुत से उपाय जारी किए जा रहे हैं तो व्यक्ति अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस प्राकृतिक के मनोरम दर्शन का लुफ्त भी ले सकते हैं और अपने आप को सुरक्षित भी रख सकते हैं जैसा कि आपने इस जानकारी के तहत पढ़ा है वह सही है और इस दौरान आपको एक अलग ही माहौल मिलेगा कि कोई संकट भले ही हो लेकिन प्राकृतिक में कोई प्रकार का संकट हम नहीं आने देंगे और प्राकृतिक के इस मनोरम चित्रण को कभी भी अपनी आंखों से ओझल नहीं होने देंगे।
अचानक कोरोना महामारी की वजह से 24 मार्च को यह राष्ट्र उद्यान बंद कर दिया गया था मगर इस लंबे समय के बाद इसे फिर से शुरू किया जा रहा है और यह पर्यटकों के लिए बहुत ही आनंद और खुशी का मौका है कि वह खुलकर अपने आनंद को बरकरार रख सकते हैं और सुविधा अनुसार सावधानी बरतते हुए वह सफारी भी कर सकते हैं।
हमारी बस आपसे यही गुजारिश है कि आप ध्यान रखिएगा कि वन्य जीव जंतुओं का कोई हानि ना हो हम इंसानों की वजह से उनके जन-जीवन पर कोई भी गलत प्रभाव ना पड़े क्योंकि दोस्तों उनकी रक्षा भी हमारी जिम्मेदारी है तो आप ऐसी कोई भी लापरवाही ना बरतें जिससे उनको हमारी वजह से कोई नुकसान हो क्योंकि हाल ही में हुई दुर्घटना केरल की है। हथनी की हत्या की वजह से जो हमारे दिल-दीमाग पर अघात पहुंचा है जंगली जानवरो से हमे बहुत ही नरमी से पेश आना चाहिए क्योंकि उनमें भी जान है दोस्तों और वह भी हमारे प्रकृति का हिस्सा है तो आप उनको कभी भी हानि ना पहुंचाइएगा।
achhi khabre 91, https://www.achhikhabre91.in
Kanha National Park Madhya Pradesh
contact - 9039055445, 8103055445




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