आओ बच्चों के दोस्त बन जाए, कुछ उनकि सुने बहुत कुछ अपनी बात समझाएं और उनका मन पढ़ाई कि और अग्रसर करें। बच्चों की खबर,Bacho ki khabar,khabar91


आज का हमारा टॉपिक है बच्चों को कैसे संभाले छुट्टियों पर, उनकी आदत केसे सुधारें, कैसे उनका मन पढ़ाई में लगाए और उन्हें कैसे समझे उनके दोस्त केसे बने इत्यादि
आज के समय में सब आगे बढ़ने के लिए सोच रहे हैं हर कोई अपने अपने काम में लगा है चाहे वह मां पिता जी हो या परिवार के कोई भी सदस्य, हर कोई अपने-अपने काम में लगे रहते हैं बच्चों पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाते सोचते हैं स्कूल तो जा रहे है पढ़ाई तो कर रहे हैं। शिक्षक अपना काम बखूबी से करते हैं पर हमें भी ध्यान देना चाहिए उनकी पढ़ाई पर उनकी आदतों पर ।
कोई उनके मन की स्थिति जानने का प्रयास नहीं करता ऐसे में बच्चों को हेडिक हो सकता है इसलिए हम अब छुट्टियों में बच्चे पर ध्यान देंगे उनको समझने की कोशिश करेंगे कुछ उनसे सीखेंगे बहुत कुछ उनको सिखाएंगे
चलिए अब हम आगे बढ़ते हैं कि हमें ऎसे कौन कोन से काम करना है जो बच्चों के लिए सही है और जरूरी हैं
बच्चों का मन पढ़ाई कि और अग्रसर कैसे करें। जानिए बच्चों की खबर
सुबह की चाय से पहले ब्रश कराए बच्चों से,कुछ बच्चे सुबह उठने के बाद सीधे चाय पीने को देखते है उन्हें ऐसा ना करने दें ऐसा करने से मुह के जम्स पेट में चले जाते है ये एक बात है दूसरी बात ये है कि बगैर मूह धोए चाय पीने से थोड़ी देर बाद उबाशी आने लगती है थकावट महसूस होती है इस लिए बच्चों को सुबह उठते ही मुंह धुलवाए, उन्हें फ्रेश करवाएं उसके बाद ही चाय दें।

सुबह का नाश्ता हल्का-फुल्का दें
सुबह का नाश्ता बच्चों को जरूर खिलाएं क्यों कि रात भर के बाद जब बच्चे उठते हैं तो एनर्जी नहीं रहती शरीर में तो उनको चाय के बाद उनको थोड़ा नाश्ता करा दिया जाए वो भी हल्का-फुल्का ज्यादा ऑइली ना हो, ज्यादा हैवी ना हो ऑइली खाने से शरीर में आलस्य आती है
इस लिए बच्चों को नाश्ता जरूर कराएं, शरीर में एनर्जी बनी रहती है इससे बच्चे एक्टिव बने रहते और फुर्ती महसूस करते हैं।
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सुबह पढ़ाई का होम वर्क दें
जब बच्चे चाय और नाश्ता से फुर्सत हो जाए तब उन्हें उनकी क्लास के अनुसार उन्हें कुछ होम वर्क करने को दे, होम वर्क पूरा हो जाने के बाद चेक करें बच्चों ने क्या लिखा क्या पढ़ा और अगर उन्हें समझ नहीं आ रहा तो थोड़ा समय निकाल कर उन्हें समझाए उनकी समस्या का हल बताए । फिर उन्हें अपना वर्क खुद ही पूरा करे के लिए कहे ।
उसके बाद आप अपना कुछ काम कर लीजिए तब तक बच्चा पढ़ाई भी कर लेगा और आपका भी काम हो जाएगा आप भी फ्री हो जाएंगे ।
थोड़ी देर गेम खेलें बच्चो के साथ
पढ़ाई के बाद बच्चों का मूड थोड़ा थोड़ा ऑफ, थोड़ा सेड हो सकता है क्योंकि अकेले पढ़ाई करने में मन नहीं लगता बच्चों का,स्कूल में सब के साथ पढ़ाई करते हैं तो अच्छी पढ़ाई हो जाती है ।

तो इसलिए पढ़ाई के बाद थोड़ी देर बच्चों के साथ खेलें उनकी पसंद का गेम जो वो चाहते हैं लूडो,चेस कैरम, फुटबॉल, बैट - बॉल और लुका - छुपी या फिर अंताक्षरी जैसे गेम खेल सकते हैं आप बच्चों के साथ घर के अंदर ही अंदर बाहर नहीं ।
दोपहर का भोजन

अब जब दोपहर का भोजन खाने की बात है तो सबसे पहले बच्चों को पानी नहाने के लिए बोले क्योंकि गेम खेलेंगे, खेलकूद करेंगे बॉडी में पसीना आ जाता है तो स्मैल भी आएगी इसलिए इन सब प्रॉब्लम से बचने के लिए बच्चों को सबसे पहले पानी नहाने के लिए कहें फ्रेश होने के लिए कहें जब वो पूरी तरह सेनेटाइज हो जाए तब उन्हें खाना खिलाये, हो सके तो हर 2 से 3 दिन में कुछ हट के भोजन बनाने का प्रयास करें क्योंकि रोज़ रोज़ घर का भोजन खा के बच्चे बाहर के भोजन को याद करने लगेंगे जैसे कि भेलपुरी,चटनी ,आलू पराठे इस लिए जो संभव हो ऐसा ही कुछ आप अपने बच्चों के लिए बनाए उनकी भी पसंद जान लें ।
थोड़ी देर टीवी या मोबाइल भी चलने को दें बच्चों को
अब लंच होने के बाद थोड़ी देर घर पर ही घूमने को कहें उन्हें क्योंकि खाना के तुरंत बाद सो जाना, लेट जाना या बैठे रहना इससे शरीर में एनर्जी नहीं बनती थका थका लगने लगता है नींद आने लगती है।

उसके बाद अगर फिर भी बच्चे को नींद आती है वह सोना चाहता तो उसे थोड़ी देर रेस्ट करने दिया जाए । पर कुछ बच्चों को दिन में नींद ही नहीं आती वह बोर होते रहते हैं तब ऐसे में क्या करना चाहिए कि बच्चों को एंटरटेन रखने के लिए उन्हें थोड़ी देर टीवी दिखाएं छोटे बच्चे हैं तो उनको कार्टून दिखाएं बड़े बच्चे हैं तो मूवी या कोई भी शो वगैरह उनको जो अच्छा लगे और आपकी समझदारी के हिसाब से उन्हें टीवी दिखाएं
क्योंकि आज का को समय है वो डिजिटल समय है हर काम डिजिटल हो रहा है चाहे पढ़ाई हो या चाहे वो ऑफिस का काम हो चाहे कुछ लेनदेन की बात हो, हर काम डिजिटल ही हो रहा है और अगर हम ऐसे में बच्चों को इस डिजिटल दुनिया से दूर रखेंगे तो उनको अच्छा नहीं लगता गलत भावना आ जाती है कि हमारे दोस्त ऐसा करते हैं वैसा करते हैं मोबाइल में गेम खेलते हैं मोबाइल देखते हैं टीवी देखते हैं,इस लिए उनका मन ना दुखाएं और उनकी सही गलत बातों पर ध्यान दें उनकी हर एक्टिविटी का अच्छे से ध्यान रखें
शाम का होम वर्क दें
बच्चों को थोड़ी देर शाम को भी पढ़ाएं ताकि सुबह शाम उनका पढ़ाई में मन लगा रहा है पढ़ाई डिस्टर्ब ना हो किसी तरह से।
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अपने बच्चों की आदतों पर गौर करें
यह अच्छा मौका हमारे पास अपने बच्चों को अच्छी तरह से जानने का जब बच्चे बड़े हो जाते हैं तो थोड़ा दूर हो जाते हैं अपने परिवार से अपने माता-पिता से, अपने दोस्तों के साथ घुल मिल जातें हैं और हम उनकी अच्छी बुरी है या गलत हरकत पर नजर नहीं रख सकते इसीलिए अब मौका है कि उन्हें समझें और अच्छी आदतें डाले उनकी गलतियों पर उन्हें डांटे ना बल्कि समझाएं क्या गलत है क्या सही है वह बताएं, अच्छे संस्कार दें अपने बच्चों को । ताकि वे आगे चलकर कोई गलती ना करें अपने उज्वल भविष्य की ओर आगे बढ़ें।


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